चिंतन जँ समाजक सम्पूर्ण प्रगतिक परिपेक्ष्य मे हो कहबा मे थोड़बोक अतिश्योक्ति नञि जे प्रगतिक पथ सुलभ, सुगम आओर सुव्यवस्थित होइत स्वतः सफलताक पथ प्रशस्त करैत उपयोगिताक सार्थकता सिद्ध करैछ । श्रेष्ठ कार्यक शुभारंभक लक्षण परिस्थितिजन्य वातावरणक परिवेश कें दिशा व दशा दैत छैक । फलतः अनेकों प्रकारक श्रेष्ठ विचारधाराक सामूहिक प्रयास दीर्घकालीन व समाजक सर्वांगीण विकासक प्रति प्रतिबद्धताक संकल्पनाक संकल्प ऊर्जा ग्रहण करैत आकार प्राप्त करैत अछि ।

समाज बदलि रहल अछि । अतीतक अनुभव व मान्यता जे समाजक मुलभूत पूँजी थिकैक ताहिक प्रति संरक्षण आओर संबर्द्धनक भाव रखैत वर्तमान सामाजिक परिवेश मे बहुमुखी विकास हयब नितांत आवश्यक । मैथिलजन व्यक्तिगत क्षमता व प्रवीणता सँ सभ प्रकारेण सामर्थ्यवान तथा सक्षम छथि । एहि हेतु आवश्यकता अनुभव कयल गेल जे संस्थागत आओर व्यक्तिगत सहभागिताक समन्वित प्रयास सँ समाजक उचित कल्याणक निमित्त प्रतिबद्ध एवं प्रामाणिक संगठनक निर्माण कयल जेबाक चाही, जाहि संगठनक स्वर तथा चिंतन विशाल मैथिल समाजक समवेत स्वर व चिंतन हो ।अंततः समन्वित प्रयास एवं गहन चिंतन-मनन कयलाक उपरांत "मैथिल समन्वय समिति" केर गठन कयल गेल । "मैथिल समन्वय समिति"क गठन मे मुक्तभाव सँ मुंबई/महाराष्ट्र स्थित अनेकों मैथिल संगठन सहज स्वीकृति प्रदान करैत "अखिल भारतीय स्तर" पर विभिन्न समाजोपयोगी कार्यक्रमक माध्यमें उपस्थिति दर्ज करबेबाक निमित्त देशक मध्य अनेकों नगर-उपनगर एवं गाम-घर मे कार्यरत् मैथिल संगठन कें शामिल हेबाक विनम्र आह्वान कऽ रहल अछि एवं आशाक संग विश्वास अछि जे एहि आह्वानक फलस्वरूप आशानुरूप सफलता अवश्य प्राप्त होयत ।

निम्नलिखित संगठन अपन सहर्ष स्वीकृतिक संग सहमति प्रदान करैत "मैथिल समन्वय समिति"क प्रति विश्वासक संग-संग प्रतिबद्धता व्यक्त कयलनि अछि :-

1) पालघर मैथिल समाज..... श्री धनंजय झा.....07709184447

2) महाराष्ट्र मैथिल समाज.....श्री रविन्द्र झा.....09226265376

3) संस्कार मिथिला फाउंडेशन.....श्री कुणाल ठाकुर.....09702594226

4) बिहार सरस्वती सेवा समिति.....श्री कमलकांत झा.....09794744443

5) मिथिला विकास समिति.....श्री रमेश झा.....09892210695

6) सुच्चा मैथिल.....श्री रामनरेश शर्मा.....09221074141

7) मैथिली दर्पण.....श्री दीपक झा....09870445763

8) बिहारी फ्रंट.....श्री अनूप सत्यनारायण झा.....09867166333

9) मिथिला राज्य निर्माण सेना.....श्री राजेश राय.....09323471094

10) मैथिल मित्र मंडल.....श्री कमलेश झा.....09869111270

11) मिथिला मंडल.....पं. भोगेन्द्र झा.....09757396979

12) जड़ी-मड़ी मंत्र संकीर्त्तन मंडल.....पं. धर्मानन्द झा.....09821716796

13) मिथिला सेवा संस्थान.....श्री जीतमोहन झा.....07666817725

14) बिहारी एकता मंच.....श्री कौशल कुमार मिश्र .....09819075569

15) बिहार मित्र मंडल, चेंबुर,..... श्री धर्मेंद्र कुमार झा.....09324373639

16) अखिल भारतीय मैथिल संघ.....श्री मुनीन्द्र झा.....09821175893

17) नवी मुंबई मैथिल संघ.....श्री अंगद चौधरी.....09833644111

18) नवी मुंबई मैथिल समाज.....श्री रवि मंडल.....07666644011

19) विद्यापति दूर्गापूजा चैरिटी ट्रस्ट.....श्री दिलीप मिश्र.....08424967427

20) मिथिला नवजीवन समिति.....श्री प्रेम चन्द्र झा.....09619067997

21) दहेज मुक्त मिथिला.....श्री पंकज झा.....09821405164

22) माँ सरस्वती सेवा संस्था (रजि.) ..... श्री रतन कुमार झा (सचिव) ...... 08446544498

23) मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश (नाशिक).... पं. अजयनाथ झा 'शास्त्री' ..... 09975714806

23) बिहार मैथिल प्रगति समिति (रजि.), सान्ताक्रूज ...... श्री महेंद्र ठाकुर ..... 09320914727

एहिक अतिरिक्त किछु व्यक्तिगत मान्यवरलोकनिक सूचि प्रेषित कयल जा रहल अछि जिनका पूर्ण संस्तुति "मैथिल समन्वय समिति" कें प्राप्त छन्हि :

1) श्री कमल झा..... नालासोपारा.....09860782999

2) श्री अरूण चौधरी.....मीरा रोड.....09004881518

3) श्री फूल कुमार झा.....भायंदर.....09004530657

4) श्री वी. एन. झा.....दहिसर.....0932284044/54

5) श्री देव शंकर चौधरी.....बोरिवली.....09821086980

6) श्री कृष्ण कुमार झा 'अन्वेषक'.....कांदिवली.....09594086848

7) श्री संजीव मिश्र.....कल्याण.....09594732006

8) श्रीमती श्वेता झा.....कल्याण.....08879465226

9) श्री पवन झा.....जोगेश्वरी.....09321020303

"मैथिल समन्वय समिति" विनम्रतापूर्वक अभिनंदन ज्ञापित करैत अछि उपर्युक्त लिखित मैथिल संगठनक संग-संग व्यक्तिगत सहभागिता नियोजित केनिहार सुधिवृन्दक प्रतिए । जय श्री हरि ।

जय मिथिला ! जय मैथिली !! जय भारत !!!!

माँ मैथिलीक वरद् पुत्र प्रवासी व निवासी मान्यवरलोकैन, जय मैथिली ।

सर्वविदित अछि जे "मैथिल समन्वय समिति" केर गठनक उपरांत मुख्यतः पाँच प्रकारक प्रस्तावित कार्ययोजना व उद्वेश्य कें आम सहमतिक आधार पर प्राथमिकता देबाक विचारक वीजारोपण भेल छल एवं पाँचों उद्वेश्य कें वेवसाइट पर समायोजित कयल गेल अछि जकरा सुगमतापूर्वक देखल जा सकैत अछि । किछु मान्यवर समन्वय समिति केर उद्वेश्य संबंधित विचारक प्रकटीकरण कयलनि अछि एहि प्रकारक विचार कें सहृदय स्वागत कयल जेबाक चाही ।

ज्ञातव्य हो कि अपना समाजक सर्वांगीण विकासक हेतु अनेकों अग्रगण्य महानुभाव लोकनिक सान्निध्य मे "वर-वधू परिचय सम्मेलन" सँ संबंधित विषय कें प्रमुखता सँ आयोजित करबाक संदेश "मैथिल समन्वय समिति" केर माध्यम सँ समाजक समक्ष प्रस्तुत कयल गेल । हमरालोकैन समर्पित भऽ एहि सम्मेलन कें ऐतिहासिक बनेबाक दिशा मे स्वयं के समाहित करबाक दृढ़ निश्चय एवं व्रत ली । रहल बात संस्थागत् सहभागिताक संबंध मे । परमादरणीय डाॅ. संदीप झाजी स्वयं सार्वजनिक रूपें अनुरोध कऽ चुकल छथि जे - विभिन्न मैथिलसेवी संगठन अपन अस्तित्व कें यथावत् कायम रखैत "मैथिल समन्वय समिति"क उद्वेश्य कें अखिल भारतीय स्तर पर नियोजित करबाक संकल्प लेथि । विभिन्न संस्थाक मध्य समन्वय स्थापित करब यथा सामाजिक समन्वय, शैक्षणिक समन्वय, बौद्धिक समन्वय, आर्थिक समन्वय, जातीय व धार्मिक समन्वय, सांस्कृतिक समन्वय, विचारधाराक उत्कृष्ट चिंतनक मध्य निर्गत कयल गेल समाजोपयोगी सुझाव व विचारक समन्वय आदि स्थापित करैत "मैथिल समन्वय समिति" कें विशाल वटवृक्ष सदृश विशालता प्रदान करबाक निमित्त प्रत्येक व्यक्तिक मध्य सेतु बंधन स्थापित करैत तथा मूल उद्वेश्य कें धारण करैत क्रमशः व क्रमिक रूपें "बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय" सदृश विचारधारा कें अग्रसारित करबाक विनम्र प्रयास करी जाहि सँ समाज निरंतर प्रगति एवं सुगतिक पथ कें प्रशस्त कऽ सकबा मे सक्षम भऽ सकय ।

उदाहरणस्वरूप वटवृक्षक चर्चा करब - वटवृक्ष अपन जीवनकाल मे विराट विशालता कें प्राप्त करैत तथा दूर-दूर धरि पसरल ओकर शाखा चारू दिशा कें चुनौती दैत छैक, ऊँच-नीच डाढ़ि-पात, चिरय-चुनमुनी कें ऊँच सँ ऊँच उड़ान भरबाक लेल प्रेरित करैत छैक, करकरौआ रौद मे थाकल-ठेहिआयल पथिक कें शीतल छाया प्रदान कय परोपकारक आश्रय प्रदान करैत छैक । आब प्रश्न अछि - वटवृक्षक एहि सम्मान, सामर्थ्य व उदारताक आधार की ? आधार अछि ओ माइट जे नाइन्हटा बीज के जीवन देलक आओर ओहि जीवन कें एक छोट पौंधा सँ विशाल गाछ बनबा धरि ओकर जड़ि के मजगूति सँ पकड़ि अनेकों प्रकारक हवा-वसात सँ रक्षा करैत स्थायित्व प्रदान कयलक आ एखनहुँ ओकर विशालता कें मजगूति सँ पकड़ि रखने अछि । एहि वटवृक्षक अपन माइट सँ संबंध सर्वश्रेष्ठ उदाहरणक रूप मे निरूपित करैत अछि "मैथिल समन्वय समिति" केर उद्वेश्य एवं भविष्यक भव्य संदेशक मध्य एकरूपता स्थापित करबाक निमित्त ।

अतः हमरालोकैन समन्वित रूपें एवं सामाजिक चेतनारूपी ऊर्जा सँ आप्लावित होइत समाज मे व्याप्त विषमता, असमानता, वैमनस्यता, विचारहीनता तथा विकृतिक निर्मूल उन्मूलन हेतु "मैथिल समन्वय समिति" केर माध्यमें नव संदेश निर्गत करी अपना समाज मे जाहि सँ मैथिल समाज अपन पूर्व व पूर्ण वैभव कें प्राप्त कऽ सकबा मे सक्षम भऽ सकय । जय श्री हरि ।